कांवड़ यात्रा के दौरान कैराना रोड पर पिता-पुत्र की सेवा की मिसाल देखने को मिल रही है। निजी अस्पताल संचालक एवं सामाजिक कार्यकर्ता कुशांक चौहान और उनके पिता डॉ. जनेश्वर चौहान पिछले 10 वर्षों से लगातार शिवभक्तों के लिए निशुल्क सेवा शिविर संचालित कर रहे हैं। कुशांक चौहान ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले उन्होंने देखा कि हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले शिवभक्त कैराना रोड पर भोजन, चिकित्सा और आराम की सुविधा नहीं मिलने से परेशान होते थे। कई बार तबीयत बिगड़ने पर उन्हें समय पर उपचार भी नहीं मिल पाता था। शिवभक्तों की परेशानी देखकर उन्होंने पिता के साथ सेवा शुरू करने का संकल्प लिया। तब से हर कांवड़ यात्रा में दोनों पिता-पुत्र अपने संसाधनों और सहयोगियों की मदद से निशुल्क सेवा शिविर लगाते हैं। यहां हर वर्ष 10 हजार से अधिक शिवभक्तों को निशुल्क भोजन कराया जाता है। वहीं अस्पताल की 20 सदस्यीय चिकित्सा टीम 50 हजार से अधिक कांवड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण करती है। जरूरत पड़ने पर दवाएं और प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराया जाता है। शिविर में धार्मिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। अस्पताल के चार सदस्य भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश का स्वरूप धारण कर प्रस्तुति देते हैं। इन्हें देखने के लिए भी बड़ी संख्या में शिवभक्त शिविर में पहुंचते हैं। कुशांक चौहान और डॉ. जनेश्वर चौहान का कहना है कि शिवभक्तों की सेवा ही उनके लिए सबसे बड़ी पूजा है। इसी भावना के साथ पिछले एक दशक से हजारों कांवड़ियों की सेवा का यह सिलसिला लगातार जारी है।