शाहजहांपुर में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर मंगलवार को विशेष गुरमत समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फूलों रंग-बिरंगी झालरों से सजाई पालकी के समक्ष संगत ने माथा टेककर आशीर्वाद लिया और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। रामनगर स्थित गुरुद्वारा श्रीगुरु तेग बहादुर में सुबह सुखमनी साहिब के पाठ किए गए। उसके बाद हुजूरी रागी अंग्रेज सिंह, गुरजीत सिंह ने कीर्तन किया। कथावाचक अनंत पाल सिंह ने गुरु तेगबहादुर के जीवन पर प्रकाश डाला। अमनप्रीत सिंह ने शबद गायन कर संगत को निहाल किया। कमेटी के अध्यक्ष सरदार जगजीत सिंह ने बताया कि गुरु तेगबहादुर को औरंगजेब ने दिल्ली में कैद किया। जहां इन्हें कैद में बहुत कष्ट दिए गए। इनको धर्म परिवर्तन के लिए कहा गया। मना करने पर इनका सिर धड़ से अलग कर दिया गया था। संरक्षक सरदार अवतार सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कर्मजीत सिंह, बिट्टू बजाज, जुझार सिंह, विजय कलाणी, कमलेश कौर माटा, दर्शन बजाज ने सेवादारों को सिरोपा भेट किए।