विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बृहस्पतिवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण का फैसला उपभोक्ताओं व कर्मियों के हित में नहीं है। ऐसे में निजीकरण का फैसला वापस लिया जाना चाहिए। धरना की अध्यक्षता कर रहे शैलेंद्र यादव ने कहा कि पावर कारपोरेशन में हजारों की तादाद में किए गए नीति विरुद्ध स्थानांतरण आदेशों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएं।