देवबंद में जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने मुस्लिम महिलाओं का गैर महरम (वह व्यक्ति जिसके साथ इस्लाम मे विवाह करने की अनुमति) के हाथों से मेहंदी लगवाने या चूड़ी पहनने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे इस्लामी शरीयत के खिलाफ करार बताया। साथ ही उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को इससे बचने की सलाह दी है। सोमवार को मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने एक अहम बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने इस्लामी शरीयत के एक संवेदनशील पहलू पर रोशनी डाली है। मौलाना ने कहा कि आजकल शादियों का सीजन चल रहा है और इस दौरान देखा जा रहा है कि मुस्लिम महिलाएं बाजारों में जाकर ग़ैर-महरम मर्दों से मेहंदी लगवाती हैं, जोकि शरीयत के स्पष्ट निर्देशों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस्लाम किसी भी मर्द को यह इजाजत नहीं देता कि वह किसी भी गैर-महरम औरत का हाथ छुए, चाहे वह किसी भी बहाने से ही क्यूं न हो। इसी तरह मुस्लिम महिलाओं को भी सख़्ती से नसीहत की गई है कि वे अपना हाथ किसी गैर-महरम के हाथों में न दे। (यानी न चूड़ी पहनने के लिए और न ही मेहंदी लगवाने के लिए)। कारी इस्हाक ने पूर्व में जारी दारुल उलूम के फतवे का भी हवाला दिया। जिसमें मुफ्तियों ने शरीयत की रोशनी में मुस्लिम महिलाओं को मर्दों से चूड़ी पहनना और मेहंदी लगवाने को मना किया है। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं से इस्लामी शिक्षाओं और फतवों की रोशनी में अपने फैसले लेने और जिंदगी गुजारने का आह्वान किया है।