रायबरेली से एथलेटिक्स में पद्मश्री सुधा सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है, वहीं क्रिकेटर आरपी सिंह ने टीम इंडिया का हिस्सा बनाकर अपनी प्रतिभा दिखाई। इन खिलाड़ियों की तरह जिले की अन्य प्रतिभाएं भी जिला और प्रदेश के साथ देश का नाम रोशन कर सकती हैं। जरूरत है तो उन्हें अच्छे खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं देने की। जिले के ज्यादातर माध्यमिक विद्यालयों में खेलकूद के लिए पर्याप्त स्थान वाले खेल मैदान नहीं है। सुविधाओं का अभाव भी है। ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन कहीं न कहीं उन्हें सुविधाओं की कमी पीछे कर देती है। इंडोर गेम्स में तो अभ्यास के पर्याप्त अवसर मिल जाते हैं, लेकिन फील्ड गेम्स के लिए विद्यालय से बाहर दूसरी जगह तलाश करनी पड़ती है। जिन विद्यालयों में अच्छे खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं हैं, वहां से खिलाड़ी अपने जिले से निकल कर मंडल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। जिले में 46 राजकीय और 46 सहायता प्राप्त समेत करीब 350 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। अगर हर स्कूल तो दो अच्छे खिलाड़ी निकलें तो बेहतरीन खिलाड़ियों की संख्या 700 तक पहुंच सकती है, जो आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। खेल शिक्षक एवं माध्यमिक क्रीड़ा सचिव अजय सिंह चंदेल का कहना है कि पीएमश्री विद्यालयों को 50 हजार रुपये और राजकीय विद्यालयों को 25 हजार रुपये खेल बजट मिलता है, लेकिन सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को कोई बजट नहीं है। एडेड कॉलेजों को भी बजट मिले तो खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरेगी। खेल सुविधाओं का अभाव है, फिर भी जिले के कई खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और निरंतर प्रयास से नाम रोशन किया है। एथलेटिक्स की कठिन स्पर्धा में राष्ट्रीय स्तर तक बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली डॉली सोनकर नए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हाल ही में उनका चयन यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद के लिए हुआ है। नर्मदेश्वर इंटर कॉलेज की पायल ने योगासन में दो बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग किया है। समता इंटर कॉलेज शेषपुर समोधा के छात्र अमरचंद ने अंडर-19 क्रिकेट टीम में प्रतिभाग कर सत्र 2025-26 में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाई। विबग्योर पब्लिक स्कूल के छात्र हर्षित सैनी ने 2025-26 में शतरंज की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। वैदिक इंटर कॉलेज की छात्रा सोनी कुमारी ने स्कूल गेम्स फेडरेशन आफ इंडिया की 100 एवं 200 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाई। हरचंदपुर विकास क्षेत्र के गांव गूल्लूपुर में खो-खो के होनहार खिलाड़ियों की कमी नहीं है। कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का लोहा मनवाया। खिलाड़ियों को उम्मीद है कि सरकार उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग जरूर करेगी। तुषार सिंह ने बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गंगागंज से पढ़ाई की है। स्कूल गेम्स फेडरेशन आफ इंडिया की जबलपुर में और खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया की अलीगढ़ में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीते हैं। इस समय सीनियर नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं। वह अग्निवीर परीक्षा भी पास कर चुके हैं। चंद्रपाल इंटर कॉलेज शोरा गंगागंज की कक्षा 11 की छात्रा सोनी कुमारी राष्ट्रीय स्तर की खो-खो खिलाड़ी हैं। कर्नाटक, वाराणसी, हरियाणा, झांसी, बस्ती, लखनऊ में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं। सोनी का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है। लक्ष्मी, राशिका और आराध्या मिश्रा ने भी खो-खो में नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों का कहना है कि छात्रवृत्ति, खेल सामग्री, प्रशिक्षण के लिए जरूरी सहयोग मिले तो वे अपने सपने को साकार करने के साथ प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।