रायबरेली: एनकाउंटर की धमकी से डरकर युवक के आत्महत्या करने के मामले में दूसरे दिन भी ग्रामीणों का हंगामा चलता रहा। परिजन कोतवाल समेत पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज होने तक शव का पोस्टमार्टम न कराने की जिद पर अड़े रहे। इस दौरान गांव की महिलाओं ने सड़क जाम करने की कोशिश की। पुलिस ने रोक तो, दोनों पक्षों में नोकझोंक भी हुई। बाद में एएसपी आलोक सिंह व एसडीएम विवेक राजपूत ने कार्रवाई व परिवार की मदद का आश्वासन दिया तो परिजन मान गये। दोपहर बाद लगभग 3 बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बीकरगढ़ गांव निवासी राजू ने मंगलवार की रात पुलिस की प्रताड़ना व एनकाउंटर की धमकी मिलने के बाद कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना से नाराज परिजनों ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था। राजू के पिता ने कोतवाल व एसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों पर एफआईआर व निलंबन की कार्रवाई की मांग की थी। एएसपी, एसडीएम समेत पांच थानों की पुलिस उन्हें समझाने में लगी हुई थी लेकिन वह नहीं माने। पुलिस ने उनके पिता की तहरीर पर दामाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने वाले राजकुमार समेत छः लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। घटाना के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। आलाधिकारी भी जांच के बाद कार्रवाई की बात कहते रहे, लेकिन परिजन नहीं माने। कई बार पुलिस व परिजनों में तनातनी भी देखने को मिली। एसडीएम ने दोषी पुलिसकर्मियों पर जांच के बाद कार्रवाई कराने, पत्नी को आवासीय पट्टा देने व परिवार कि आर्थिक मदद कराने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने बताया कि परिजन जांच के बाद कार्रवाई व मदद के आश्वासन पर माने गये हैं। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है।