सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतुआ टप्पा पर ठंड की वजह से मरीजों की संख्या में कमी हुई है। ठंडक के मौसम में सर्दी, जुखाम व दमा के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। दोपहर दो बजे तक कुल 80 मरीज देखें गये। सीएचसी जतुआ टप्पा में बृहस्पतिवार की दोपहर दो बजे तक तीन डाक्टरों ने कुल 80 मरीज देखें। विकास खंड क्षेत्र के रैली कल्याणपुर गांव निवासी बद्री प्रसाद ने बताया कि उन्हें लगभग एक माह से बुखार आ रहा है वह सीएचसी जतुआ टप्पा में दवा लेने आये थे। उन्होंने बताया कि डाक्टर ने पहले सीएचसी पर जांच कराया और बाद में दवा दिया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ बृजेश कुमार ने बताया कि इस समय ठंड का मौसम चल रहा है। जिसकी वजह से सर्दी, जुखाम व दमा के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील भी किया कि दमा के मरीज को सर्दी से बचाव करने की आवश्यकता है। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा सीएचसी जतुआ टप्पा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतुआ टप्पा में चिकित्सकों की कमी काफी दिनों से बनी हुई है। सीएचसी जतुआ टप्पा में महिला चिकित्सक डॉ एरम खान व डॉ रचना कटियार की तैनाती थी लेकिन महिला चिकित्सक डॉ एरम का स्थानांतरण हो जाने के बाद केवल एक ही महिला चिकित्सक की मौजूदगी रहती है। डॉ रचना कटियार को अवकाश जाने के बाद दांत चिकित्सक डॉ अनुप्रिया को लगाया जाता है। अधीक्षक डॉ बृजेश कुमार का कहना है कि एक पुरूष व दो महिला चिकित्सकों की आवश्यकता है। जिसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। दंत चिकित्सक की तैनाती दस वर्षों से उपकरण न होने से मरीज गायब सीएचसी के 10 वर्ष से अधिक का समय बीत जाने बाद भी यहां पर आने वाले दांत के मरीजों के लिए कोई उपकरण उपलब्ध नहीं हो सका। दंत चिकित्सक की तैनाती काफी समय से है लेकिन दांत के मरीजों के लिए उपकरणों की कमी के चलते मरीजों का आना सीएचसी में बंद हो गया, मरीज निजी व जिला अस्पताल के चक्कर काटने लगे। दांत के मरीजों के लिए दिसंबर 2021 में डां अनुप्रिया सिंह में व सहयोगी के रूप में गयूर हसनैन की 2012 में तैनाती की गई थी। डाक्टर अनुप्रिया सिंह ने बताया कि दांत के मरीजों को लगने वाले उपकरण डेंटल चेयर, कम्प्रेसर, अल्ट्रासोनिक स्केलर, स्ट्रक्शन फोरसेप्स, डायग्नोसिस स्टूमेंटस आदि उपकरणों की जरूरत पड़ती है लेकिन सीएचसी पर कोई उपकरण उपलब्ध नहीं है।