बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण में हुए घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। पीलीभीत में सोमवार को जांच करने पहुंचीं अपर आयुक्त प्रीति जायसवाल ने सेटेलाइट की तस्वीरों को खंगाला तो पता लगा कि अधिसूचना जारी होने के बाद अमरिया व जहानाबाद क्षेत्र में मुआवजा हड़पने की नीयत से बैनामे और खाली भूखंडों पर निर्माण कराए गए। उद्यमियों ने अफसरों-कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े स्तर पर खेल किया। अमरिया निवासी किसान हसीब खां ने अपर आयुक्त को बताया कि खरीदारों ने उन्हें अच्छी रकम देने के साथ ही फैक्टरी लगाकर उनके दो पुत्रों को प्रति माह 35 हजार रुपये की नौकरी देने का झांसा देकर जमीन खरीद ली, लेकिन ढांचा बनाकर मुआवजा हड़पने के बाद संपर्क खत्म कर दिया।