बुद्धि विहार और लाइनपार में रामोत्सव के अवसर पर कहीं सुंदरकांड का पाठ, कहीं हनुमान चालीसा तो कहीं हरि कीर्तन हुए। महिलाल स्कूल रोड पर महिलाएं सिर पर कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल थीं। हर गली में लोग अपने मूल काम को छोड़कर जय श्रीराम की धुन में रम गए थे। लोगों का कहना था कि ऐसा नजारा कभी उन्होंने नहीं देखा था। बच्चे से लेकर बूढ़े तक सिर्फ उत्सव की तरह राम के काम में जुटे थे।