मुहर्रम पर शहर को विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसों का सिलसिला शुरू हुआ। अकीदतमंदों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। मजलिस के बाद मातमी एंजुमनों ने या हुसैन की सदाओं के साथ मातम का पुरसा पेश किया। यह सिलसिला सुबह से देर रात तक जारी रहा। लाकड़ीवालान, आजादनगर और तख्तों वाले इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन हुआ। मरकजी जमीयत अहले सुन्नत के तत्वावधान में लाल मस्जिद में मुहर्रम के अवसर पर जिक्र-ए-शहीदान-ए-कर्बला के दस दिवसीय कार्यक्रम का आगाज बुधवार को हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उलेमा, समाजसेवी, बुद्धिजीवी और अकीदतमंदों ने शिरकत की। शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन और नात-ए-पाक से की गई।