बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाने के सपने लिए रैपिडो चालक पिता ने तीन महीने तक मुरादाबाद से लेकर लखनऊ तक अफसरों के चक्कर काटे। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री से मिलकर बेटी के हक की लड़ाई जीती। मुरादाबाद के रामगंगा विहार के रहने वाले अमित कुमार अपने परिवार (पत्नी व दो बेटियां) के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत उनकी बेटी वाची को सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल में प्रवेश आवंटित हुआ था। प्रवेश दिलाने के लिए वह कई बार स्कूल प्रबंधन के चक्कर काटते रहे। जब नहीं मिला तो तीन माह तक बीएसए, बीईओ और शिक्षा निदेशालय के संपर्क में रहे। इसके बीच घर में आर्थिक तंगी भी बढ़ती गई थी।