विश्व संवाद केंद्र की ओर से बुद्धि विहार की अमर वाटिका में देवऋषि नारद जयंती मनाई गई। इस मौके पर हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में डिजिटल मीडिया के युग में आधुनिक पत्रकारिता विषय पर गोष्ठी की गई। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे यूपी बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने समाज निर्माण में पत्रकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि पत्रकार के लिए पत्रकारिता धर्म है और पत्रकारिता का वास्तविक धर्म निष्पक्षता है। डॉ विशेष गुप्ता ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने पत्रकारिता को बिल्कुल एक नए फलक पर लाकर खड़ा कर दिया है। चुनौतियां बढ़ गई हैं, रफ्तार की प्रतिस्पर्धा से नए खतरों का अंदेशा भी बढ़ा है। सोशल मीडिया के असर ने पत्रकार और पत्रकारिता को कहीं ज्यादा जवाबदेह बनाया है। अब पत्रकारिता पहले से ज्यादा जीवंत हुई है। विभाग प्रचार प्रमुख डॉ. पवन कुमार जैन ने विषय की प्रस्तावना से गोष्ठी की शुरुआत करते हुए कहा कि सृष्टि के प्रथम संवादवाहक के रूप में देवऋषि नारद जी का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। जहां आवश्यकता होती थी वे वहां उपस्थित होते थे। मुख्य वक्ता एवं आरएसएस के प्रांत प्रचार प्रमुख सुरेंद्र सिंह ने कहा कि वह पत्रकारिता ही है जिसके माध्यम से समाज में नवसंचार, जागरण, सजीवता तथा नवस्फूर्ति का संचार होता है। अध्यक्षता करते हुए आईएफटीएम विवि के जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश शुक्ला ने कहा कि पत्रकार का कार्य हर परिस्थिति में साहस के साथ संवाद स्थापित करना है न कि विवाद करना। संचालन मेजर राजीव ढल ने किया। इसमें महानगर प्रचार प्रमुख संजीव चौधरी, प्रशांत मिश्रा, हरिमोहन गुप्ता, सचिन कुमार, राकेश मिश्रा, रतनलाल एडवोकेट, सुभाष शर्मा, डॉ मुदित सिंघल, कुलदीप कुमार, डॉ सत्यवीर सिंह आदि शामिल रहे।