शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर विन्ध्याचल के रोडवेज परिसर में आयोजित विन्ध्य महोत्सव कार्यक्रम के समापन समारोह में में पद्मश्री लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने देवीगीतों की आकर्षक व दमदार प्रस्तुति से मौजूद श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया । रात आठ बजे मंचासीन हुई मालिनी ने अपने गायन की शुरुआत, कड़े में झूले पालना , मोर महारानी" से की। इसके बाद एक से बढ़कर एक देवीगीत जैसे जगदम्बा घर में दीयना बार अइली हो तथा पड़ी चरन तोहार , हमारी अंगना जैसे गीतों से सभी उपस्थित श्रोताओं को आनंदित कर दिया ।