देश के युवा नशे की गिरफ्त में ऐसे चूर हो गए हैं, की कुछ पल की खुशी के लिए अपना भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के ग्राउंड में प्रैक्टिस करने आने वाले खिलाड़ी भी इसी नशे की गिरफ्त में हैं। अपनी परफॉर्मेंस बेहतर करने के लिए खिलाड़ी डोपिंग का सहारा ले रहे हैं। ग्राउंड के आसपास तपोवन और शौचालय में बड़ी संख्या में इंजेक्शन और मेफेनटाइन सल्फेट इंजेक्शन (जो ब्लड प्रेशर बढ़ाने में इस्तेमाल किया जाता है) पड़े हुए मिले, जिसको ज़्यादातर एथलीट अपनी परफॉर्मेंस को बेहतर करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। डोपिंग से खिलाड़ियों के भविष्य पर तो सवाल खड़ा होगा ही, तो वहीं खुले में पड़े इंजेक्शन और सीरिंज यदि किसी के लग जाए, तो इन्फेक्शन फैलने का भी खतरा बढ़ जाएगा।