माई सिटी रिपोर्टर मेरठ। हम तो बाबा के भरोसे चलते हैं, ये दुनिया वाले क्यों जलते हैं..., इतनी कर दे कृपा मेरे गुरुवर तेरे चरणों मं जीवन बिताएं...जैसे भजनों के साथ कथा व्यास पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव का गुणगान किया तो श्रद्धालु झूमने लगे। ऐसे भजनों के साथ ही भोले बाबा से जुड़े प्रसंग सुनाए गए। कथावाचक ने लोगों से कहा कि वे बच्चों को श्रेष्ठ संस्कार दें। शताब्दीनगर में चल रही शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन सोमवार को श्री केदारेश्वर सेवा समिति के सदस्यों ने चरण पादुका पूजन किया। कथा व्यास ने ओम नम: शिवाय के जाप के साथ कथा आरंभ की। उन्होंने कहा कि कर्म तो भोगना ही पड़ेगा। दो कारण से मानव शरीर मिला है। हम शंकर के हो जाएं और शंकर हमारे हो जाएं। कथा व्यास प्रदीप मिश्रा ने कहा कि कई संत ऐसे रहे जो सशरीर भगवान में समा गए। मां अंबा में समा गए रामकृष्ण परम हंस, जगन्नाथ जी में समा गए चैतन्य महाप्रभु, विट्ठल में समा गए संत तुकाराम, कृष्ण में समा गई मीरा। शरीर में अगर कोई रोग आ गया तो श्री शिवाय नमस्तुभ्यम का जाप करो। कथा के बीच उन्होंने रोहटा रोड निवासी पूनम की चिट्ठी पढ़ी। बताया कि शिव उपासना से उसकी आवाज लौट आई। उन्होंने कहा कि सुबह, दोपहर, शाम लो शिव का नाम। श्रद्धालु श्री शिवाय नमस्तुभ्यम का जाप करते रहे। आज तीसरे दिन भी कथा जारी रही।