मेरठ। सकौती में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा के अनावरण पर जनसभा के दौरान पूर्व मंत्री संजीव बालियान ने मंच से भावुक और तीखा संबोधन दिया। अपने भाषण में उन्होंने सामाजिक एकता, इतिहास और हालिया घटनाओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि “हम तीन दोस्त थे, समय के साथ परिस्थितियां बदल गईं। मुझे जनता ने गांव भेज दिया और पंजाब में भगवंत मान को मुख्यमंत्री बना दिया गया। अभी हनुमान बेनीवाल सांसद हैं, इस दौरान उन्होंने मेरठ की सड़कों पर लंबे समय बाद ट्रैक्टर दिखने का भी जिक्र किया। बालियान ने महाराजा सूरजमल और महाराजा जवाहर सिंह के इतिहास को याद करते हुए कहा कि जाट समाज का गौरवशाली अतीत रहा है। उन्होंने कहा कि “महाराजा सूरजमल का बलिदान उत्तर प्रदेश में हुआ और जाटों ने दिल्ली तक विजय प्राप्त की। पंजाब के जाट सिख भी इस इतिहास का हिस्सा रहे हैं।” कहा कि समाज में कई तरह के दर्द हैं, लेकिन हम सभी भाईचारे के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सभा को असफल करने के लिए साजिश रची गई और उन्हें अपमान सहना पड़ा। “मैं पूरी रात चुप रहा, लेकिन अपमान को सहा है। बालियान ने प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि किसी की औकात नहीं कि हमें झुका सके, शासन-प्रशासन में इतनी ताकत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान भी उन्होंने अपमान सहा, लेकिन अब समय आने पर ब्याज सहित कर्ज उतार देंगे। लोगों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा, अगर मैं भूल जाऊं तो मुझे याद दिलाते रहना। साथ ही कहा कि हमारी सभा से ही प्रशासन को दिक्कत है, बाकी किसी से नहीं। अंत में उन्होंने सकौती गांव के लोगों का धन्यवाद करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।