मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड में जेल में बंद मुस्कान ने सोमवार शाम एक बेटी को जन्म दिया। मेरठ जिला जेल में बैरक के अंदर उसे प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद तुरंत उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसकी सामान्य डिलीवरी कराई गई। डॉक्टरों के अनुसार, मां और बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
मुस्कान को उसके पति सौरभ की हत्या और शव को नीले प्लास्टिक ड्रम में ठिकाने लगाने के मामले में 19 मार्च को जेल भेजा गया था। गिरफ्तारी के समय ही उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद जेल में उसका विशेष ध्यान रखा जा रहा था और गर्भवती महिलाओं की तरह डाइट दी जा रही थी।
सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू होते ही उसे मेडिकल में भर्ती कराया गया, जहां सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए। मेडिकल स्टाफ के अलावा किसी को भी उससे मिलने की इजाज़त नहीं दी गई। उसके परिवार, माता-पिता और भाई—सभी मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचे। सौरभ के परिवार ने भी नवजात को देखने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
दिलचस्प बात यह है कि मुस्कान ने अपने पति सौरभ के जन्मदिन (24 नवंबर) पर ही बेटी को जन्म दिया। सौरभ का जन्म 1994 में हुआ था और इस वर्ष वह 31 वर्ष के होते। यह मुस्कान की दूसरी बेटी है; पहली बेटी पीहू अपने नाना-नानी के पास रह रही है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के अनुसार, नवजात बच्ची पर अभी मुस्कान का ही अधिकार है। यदि कोई अन्य दावा करता है तो डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
सौरभ राजपूत लंदन के एक मॉल में कार्यरत थे और पहले नेवी मर्चेंट में काम कर चुके थे। 24 फरवरी 2025 को वह घर लौटे थे। 3 मार्च की रात मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की, उसके शरीर के टुकड़े किए और उन्हें नीले प्लास्टिक ड्रम में सीमेंट डालकर छिपा दिया था। यह हत्याकांड देशभर में सुर्खियां बना था।