मऊ कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर मोहल्ले निवासी कक्षा छह के छात्र जमशेद उर्फ नावेद (14) ने सोमवार की शाम कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मोबाइल रिचार्ज के लिए मां ने पैसे नहीं दिए तो उसने ऐसा कदम उठाया, जो चौकाने वाला है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मोहल्लेवासियों ने बताया कि जमशेद के पिता परवेज अहमद उर्फ भोला सऊदी में रहकर काम करते हैं। वो अपनी मां के साथ घर पर अकेले रहता था। वो अपनी माता पिता का इकलौती संतान था और तालीमुद्दीन इंटर कॉलेज में कक्षा छह का छात्र था। मां ने बताया कि बेटा ऑनलाइन गेम (फ्री फायर) खेलने का आदी था, जिसके चलते वो अपनी मोबाइल रिचार्ज नहीं करा रही थीं। सोमवार की सुबह उसने मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए मां से 50 रुपये मांगा, मना करने पर स्कूल चला गया। दोपहर में घर आने पर दोबारा 50 रुपये की मांग करने लगा। तो उन्होंने डांटते हुए दिनभर मोबाइल चलाने और गेम खेलने की बात कहकर मना कर दिया। शाम करीब चार बजे वो मकान के ऊपर स्थित कमरे में गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर होने पर मां गई और दरवाजा खटखटाने लगी। अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर उन्होंने अगल बगल से झांककर देखा तो बेटा फंदे से लटक रहा था। उनकी चीख पुकार सुनकर पड़ोस की महिलाएं पहुंची और किसी तरह दरवाजा तोड़ा। कैंची से फंदे को काटकर उसे नीचे उतारा और अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।