मथुरा में विश्व हिंदू परिषद की ओर से शौर्य यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यात्रा की शुरुआत प्रसिद्ध भागवत आचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने भगवा झंडी दिखाकर की। इस मौके पर उन्होंने मंच से संबोधित भी किया। शौर्य यात्रा के दौरान आचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि इतिहास में आज का दिन एक महत्वपूर्ण दिन रहा है। उन्होंने मंच से बोलते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने अपनी श्रद्धा, अपने इतिहास और अपनी पहचान को बचाने के लिए बहुत संघर्ष किए हैं। उनके संघर्षों और योगदान को हम हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ एक स्थान पाकर खुश हो जाना पर्याप्त नहीं है। हमारे पूर्वजों ने जो कुछ खोया है, वह बहुत बड़ा है। इसलिए समाज को अपनी विरासत और अपनी परंपराओं को समझते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है। भाईचारे की बात करते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि भाईचारा तभी संभव है, जब दोनों पक्ष समान भावना से आगे बढ़ें। आजकल के लोग भाईचारे का सही अर्थ भी नहीं समझते। समाज में सम्मान और सौहार्द बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने संबोधन में कुछ धार्मिक स्थलों का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि किसी भी पवित्र छवि या धार्मिक प्रतीक का अनादर करना उचित नहीं है। ऐसी घटनाएं समाज को बांटती हैं और साम्प्रदायिक तनाव बढ़ाती हैं।