आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य किए जाने के निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ और प्राथमिक शिक्षक संघ के संयुक्त आह्वान पर 250 से अधिक शिक्षक डीएम कार्यालय के पास पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। शिक्षकों ने कहा कि वे लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बने हुए हैं और इस दौरान उन्होंने लाखों बच्चों को शिक्षित किया है। अब अचानक उन पर टीईटी पास करने की शर्त थोपना न केवल उनके अनुभव का अपमान है, बल्कि उनकी नौकरी और आजीविका पर भी संकट है। उनका कहना था कि जो शिक्षक वर्षों पहले योग्यता पूरी करके सेवा में आए, उन्हें इस नए नियम से मुक्त रखा जाए। धरना प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने पीएम और सीएम को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि सरकार पुराने शिक्षकों के हितों का ध्यान रखते हुए इस नियम को तत्काल प्रभाव से वापस ले, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। धरने में शामिल शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे आगामी दिनों में चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।