मथुरा की बरसाना की होली की बात हो तो ब्रज दूल्हा का जिक्र जरूर आता है। वर्तमान में ब्रज दूल्हा का मंदिर जिस स्थान पर बना हुआ है, उसे कटारा हवेली के नाम से जाना जाता है। इस हवेली का पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व है। मान्यता है कि द्वापर में गोपियों के डर से कान्हा होली खेलते-खेलते इस स्थान पर गायों में छिप गए थे तो गोपियों ने बाल कृष्ण को यहां ढूंढ़ लिया था। कान पकड़कर कहा कि चल हमारे साथ होली खेल, यहां दूल्हा बनकर छिपा हुआ है। इसके अलावा इस हवेली का ऐतिहासिक महत्व भी है। इस हवेली पर बैठकर मथुरा के पहले अंग्रेज कलेक्टर एफ एस ग्राउस ने होली देखी थी, जिसका जिक्र उन्होंने अपनी पुस्तक ए डिस्ट्रिक्ट मेमोयर ऑफ मथुरा में भी किया है।