मथुरा में लगातार हो रही बारिश के कारण नवजातों को सर्दी-जुकाम की बीमारी हो रही है। इससे कान से मवाद निकलने की समस्या भी हो रही है। महिला जिला अस्पताल में कान में मवाद की परेशानी वाले 10 के करीब बच्चे रोजाना उपचार को आ रहे हैं। चिकित्सक उपचार के साथ नवजातों के अभिभावकों को बचाव के उपाय भी बता रहे हैं। महिला जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि बच्चों में सर्दी-जुकाम के बाद कान से मवाद निकलना सामान्य है। क्योंकि उनकी यूस्टेशियन नलिकाएं छोटी होती हैं। यदि सही समय पर इलाज न हो तो मध्य कान के संक्रमण (ओटिटिस मीडिया) हो जाता है। सर्दी-जुकाम के दौरान यूस्टेशियन ट्यूब के अवरुद्ध होने से कान के मध्य भाग में तरल पदार्थ जमा हो जाता है। यह तरल पदार्थ के संक्रमित होने से मवाद बनता है। यदि सही समय पर उपचार न किया जाए तो कान का पर्दा भी फट सकता है और बच्चे की सुनने की क्षमता खत्म हो जाती है। 6 से 18 महीने की आयु के बच्चों में कान का संक्रमण अधिक होता है। बच्चों में सुनने संबंधी कठिनाइयां उनके भाषा विकास में देरी या रुकावट पैदा हो जाती है। यदि ग्लू ईयर आपके बच्चे को परेशान नहीं कर रहा है या उसकी बोली या भाषा के विकास को प्रभावित नहीं कर रहा है, तो किसी इलाज की जरूरत नहीं है। आमतौर पर यह समय के साथ अपने आप ठीक हो जाता है। यदि ऐसा नहीं है तो इलाज की आवश्यकता है।