मथुरा के फरह में पं. दीनदयाल स्मृति महोत्सव मेला में कवियों ने भोर की पहली किरण तक काव्यरस की धारा बहाई। वीररस, ओजरस और श्रंृगार रस के साथ हास्य रस की गंगा में श्रोता पूरी रात डुबकी लगाते रहे। देश प्रेम की रचनाओं को श्रोताओं ने अपना भरपूर दुलार दिया। हास्य कवि शम्भू शिखर के हास्य व्यंग्य से हंसते-हंसते श्रोता लोटपोट हो गये। कवयित्री योग्यता चौहान ने अपनी कविताओं से प्रेम करने वाले युगलों के मन तक दस्तक दी। लाफ्टर चैंपियन सुरेश अलबेला ने अपनी कविता में ऑपरेशन सिंदूर तक तहत देश की बेटी में मेजर सोफिया कुरैशी के योगदान की जमकर तारीफ की। कवि संयोजक सचिन दीक्षित ने वीर रस की कविता सुनाकर श्रोताओं में उर्जा का संचार किया। कवि सम्मेलन में प्रख्यात कवि डाॅ. विष्णु सक्सेना ने प्रेमरस के सागर में श्रोताओं को डुबोया। अन्य कविओं ने भी श्रोताओं के मन में अपने काव्य पाठ से जगह बनायी। इस दौरान डाॅ. महीपाल सिंह, सुरेश तरकर, अशोक पाठक, मौनू तिवारी, सुरेश तरकर, राजेन्द्र शर्मा, राजदर्शन पचौरी, श्रवण शर्मा, मुकेश शर्मा आदि ने कवियों का स्वागत किया।