फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO: पहले परीक्षा फिर बस के लिए इंतजार, सड़कों पर उमड़ी भीड़।

मैनपुरी। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) रविवार को दो पालियों में संपन्न हुई। अभ्यर्थियों को पहले परीक्षा केंद्र में जाने के लिए इंतजार करना पड़ा, उसके बाद घर लौटने के लिए बस पाने में धक्के खाने पड़े। अभ्यर्थियों को बस के दरवाजे पर लटक कर जाना पड़ा। इससे परिवहन विभाग की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। आगरा, प्रयागराज, जौनपुर और कानपुर समेत विभिन्न जनपदों के अभ्यर्थियों को वापसी के लिए पर्याप्त बसें नहीं मिलीं। लंबी दूरी पर परीक्षा केंद्र आवंटित होने और परिवहन के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी दिखाई दी। पीईटी परीक्षा से पहले परिवहन विभाग ने विशेष बसों का संचालन करने और आगरा के लिए संचालित 30 बसों के फेरे बढ़ाने का दावा किया, लेकिन परीक्षा की पहली पाली समाप्त होने के बाद ही इन दावों की पोल खुल गई। कानपुर, इटावा, प्रयागराज, दिल्ली व जौनपुर मार्ग पर भी विशेष बसों के संचालन के बाद भी अभ्यर्थियों को बस नहीं मिली, इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लगा। बसों में भारी भीड़ होने के कारण अभ्यर्थियों को बैठने के लिए जगह ही नहीं मिली। काफी दूर तक उन्हें खड़े होकर ही सफर करना पड़ा। कई बसों में तो उन्हें अंदर जाने के लिए भी जगह नहीं मिली। दरवाजे पर लटक कर ही सफर करना पड़ा। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार ने चालक-परिचालकों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को परेशानी का सामना न करना पड़े। जिन मार्गों पर यात्रियों की संख्या अधिक रही, वहां अतिरिक्त बसें चलाकर अभ्यर्थियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ी। परीक्षा समाप्त होने के बाद घर लौटने के लिए बस का इंतजार करना पड़ा। बसों की जानकारी लेने में भी समय लगा। यदि परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की संख्या के हिसाब से बसों की व्यवस्था होती, तो काफी राहत मिलती। परीक्षा के बाद सभी अभ्यर्थी जल्द से जल्द अपने घर पहुंचना चाहते है। ऐसे में बसों में भीड़ होने के कारण परेशानी हो रही है। परिवहन निगम को परीक्षा के दिनों में अभ्यर्थियों की संख्या और उनके गंतव्य को ध्यान में रखते हुए विशेष बसों की व्यवस्था करनी चाहिए थी। - रजनीश पाल, जौनपुर।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें