सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे की तेज आवाज बीमार लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। कमजोर दिल वाले ह्रदय रोगियों के लिए डीजे की तेज आवाज जानलेवा साबित हो सकती है। डीजे की तेज आवाज पर प्रतिबंध के बाद भी इस पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है। डीजे से 120 से 130 डेसीबल तक शोर पैदा होता है जो खतरनाक ध्वनि प्रदूषण की श्रेणी में आता है।