लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी ब्लाक क्षेत्र के गांव मियांपुर कॉलोनी की पहचान आदर्श गांव के रूप में है। पूरा गांव नाली विहीन है। हर घर में सोखता बना हुआ है, जिसमें गंदा पानी जाता है। इसके लिए करीब 12 साल पहले तत्कालीन ग्राम प्रधान को निर्मल गांव योजना के तहत राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। मियांपुर गांव तहसील मुख्यालय से 12 किमी दूर गोमती नदी के किनारे बसा हुआ है। यहां के बुजुर्ग बताते हैं कि यह गांव सन् 1964 में पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश से एक समूह मध्यप्रदेश आया था, वहां से1966 में यह समूह मियांपुर गांव आ गया। यहां रहने के लिए पांच एकड़ जमीन खाने कपड़े की व्यवस्था तत्कालीन सरकार ने की थी। लोगों ने मेहनत कर जंगल झाड़ियों को साफ कर गांव का रूप दिया। इस गांव में नाली नहीं है। हर घर में नींबू केला के पेड़ के नीचे सोखता बना हुआ है। घर का सारा गंदा पानी इसी सोखता में जाता है।