कसया बीआरसी में स्पेशल प्रोजेक्ट ऑफ इक्विटी के तहत आयोजित दो दिवसीय जीवन कौशल शिक्षा एवं कैपेसिटी बिल्डिंग संवर्धन का प्रशिक्षण का समापन हुआ। इसमें शिक्षकों को प्रशिक्षण में मिली जानकारी छात्रों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्या ने कहा कि बालक और बालिकाओं में कोई अंतर नही है। बेटियों के साथ भी पुत्रवत व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में बालकों का मुकाबला कर रही हैं। उनके हौसलों को और प्रोत्साहित करना चाहिए। इसके पूर्व प्रशिक्षक नीरज बंका और राकेश मणि ने किशोर व किशोरियों को जागरूक करने, उन्हें आत्मविश्वासी बनाने आदि के बारे में जानकारी दी।