चायल तहसील क्षेत्र के मखऊपुर गांव में एक 95 वर्षीय बुजुर्ग पर दबंगई कर जमीन कब्जाने का आरोप लगने से हड़कंप मच गया। जब प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की, तो परिजनों ने अनोखे अंदाज में अपनी सफाई पेश की। बुधवार को बुजुर्ग के बेटा-बहू उन्हें खाट पर लादकर एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और अधिकारियों से सवाल किया — “जो चलने-फिरने में असमर्थ है, वह दबंग कैसे हो सकता है?”
परिजनों ने बताया कि गांव के कुछ लोग उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं और षड्यंत्र के तहत 95 वर्षीय बुजुर्ग पर ही दबंगई का आरोप लगाकर उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। बेटा-बहू ने कहा कि बुजुर्ग की उम्र 95 वर्ष है, वह खुद बिना सहारे के उठ-बैठ नहीं सकते। ऐसे में उन पर जमीन कब्जाने जैसे गंभीर आरोप बेबुनियाद हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम चायल ने तत्काल राजस्व और चकबंदी विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर भेजने के आदेश दिए। टीम को निर्देश दिया गया है कि वे जमीन की स्थिति की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
ग्रामीणों के अनुसार, विवादित भूमि पर हाल ही में निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जिस पर विरोध जताया गया। शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। वहीं, स्थानीय लोगों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि इतनी अधिक उम्र और बीमारी के बावजूद किसी बुजुर्ग पर दबंगई का आरोप कैसे लगाया जा सकता है।
फिलहाल प्रशासन ने कहा है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और दोषी चाहे जो भी हो, कार्रवाई तय होगी।