हाथरस हादसे के बाद साकार हरि विश्व उर्फ भोले बाबा अपने पैतृक आश्रम पहुंचे हैं। यह कासगंज जिले के पटियाली क्षेत्र के बहादुरनगर गांव में स्थित है। उन्होंने यह आश्रम अपने पैतृक गांव वर्ष 1999 में स्थापित किया था। इसके बाद अन्य आश्रम बनाने का सिलसिला शुरू हुआ। लेकिन, अपने पैतृक गांव के आश्रम में बाबा पिछले करीब 12 वर्षों से नहीं पहुंचे थे। बुधवार को वह अचानक अपने पैतृक गांव स्थित आश्रम में अपने अधिवक्ता के साथ पहुंचे। सीधे अंदर चले गए। उन्होंने मीडिया से भी बात नहीं की। अनुयायियों से उनकी मुलाकात भी नहीं हो सकी। इससे अनुयायियों में निराशा दिखी। इसके बाद पटियाली चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई।