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VIDEO: किसान सभा ने किया कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

कासगंज में उत्तर प्रदेश किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। किसान सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चले 13 महीने लंबे किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने कृषि कानून वापस लेने के साथ ही एमएसपी गारंटी कानून बनाने और श्रम कानूनों में किसी तरह का बदलाव न करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब सरकार अपने वादों से पीछे हटती दिख रही है। किसान सभा के नेताओं ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना दाम मिलना चाहिए। साथ ही बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, गरीब उपभोक्ताओं को तीन सौ यूनिट मुफ्त बिजली देने और किसानों को सस्ती बिजली व खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। किसानों ने यह भी कहा कि उनकी सहमति के बिना कहीं भी भूमि अधिग्रहण न किया जाए और खेत मजदूरों तथा गरीब किसानों को गांव में काम देकर रोजाना 600 रुपये मजदूरी दी जाए। बेसहारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा की व्यवस्था को भी तत्काल प्रभाव से मजबूत करने पर जोर दिया गया। किसानों ने न्योली मिल को नियमित रूप से चलाने और किसानों के बकाये के भुगतान की मांग की। इसके अलावा उन्होंने रद किए गए 29 श्रम कानूनों को बहाल करने और सभी चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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