बांध गांव में शुक्रवार की शाम दबंगों ने एक युवक को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। शनिवार की शाम उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन आनूपुर मोड़ पर डॉक्टर के यहां लेकर पहुंचे, वहां उसकी मौत हो गई। युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने बरीपाल रोड पर व रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची पुलिस व ग्रामीणों के समझाने पर शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बांध गांव निवासी धर्मेंद्र संखवार (50) मजदूरी करता था। शुक्रवार की शाम उनके बेटे रत्नेश से गांव के ही छोटे बउआ व उसके साथ गालीगलौज करने लगे। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। इस पर रत्नेश घर की ओर भागा तो छोटे बउआ ने अपने पिता अनिल, भाई पोलू व गांव के सिद्धू और धूल्लू को बुला लिया। उधर रत्नेश को बचाने के लिए उसके पिता धर्मेंद्र व भाई साजन भी पहुंच गए। सभी आरोपियों ने तीनों की पिटाई कर दी, जिससे धर्मेंद्र को गंभीर चोट आ गई। पिटाई से घायल होने पर परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनको मेडिकल के लिए भेज दिया और आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया। मेडिकल कराने के बाद धर्मेंद्र रात में ही घर लौट आए। शनिवार की शाम हालत बिगड़ने पर परिजन आनूपुर मोड़ पर डॉक्टर को दिखाने पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मौत से गुस्साए परिजनों ने शव बरीपाल रोड पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस व ग्रामीणों के समझाने पर शांत हो गए। एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट से मौत होने की पुष्टि पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।