टैक्स बार एसोसिएशन ने शनिवार को आर्यनगर में जीएसटी संवैधानिक एवं न्यायिक विकास पर गोष्ठी आयोजित की। वक्ताओं ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने जीएसटी न्यायशास्त्र के विकास में अहम भूमिका निभाई है। इसने करदाताओं के अधिकारों व राजस्व हितों में संतुलन स्थापित किया है। अधिवक्ता पवन अग्रवाल ने बताया कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद नाै साल में सर्वोच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं। जीएसटी ने भारत के कर ढांचे को उपभोग आधारित प्रणाली में बदला है। इसमें केंद्र और राज्य दोनों के अधिकार एकीकृत हैं। इस दौरान एक निर्देशिका का विमोचन भी किया गया।हरिओम गुप्ता, दिनेश प्रकाश, पंकज श्रीवास्तव, सूर्यवर्धन पांडेय, अशोक दरबारी, अनिल मेहरोत्रा, आरबी पांडेय, संतोष गुप्ता, अशोक अग्रवाल, संजय गुप्ता, प्रमोद द्विवेदी, एसएस निगम, अशोक अग्रवाल, डॉ. एस मनु, राजेश कुरील, नसीम अख्तर सिद्दीकी, शेखर आदि रहे।