कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से बुधवार को सिविल लाइंस स्थित सभागार में जीएसटी में छापों की प्रक्रिया एवं सर्च एवं सीजर की कार्यवाही विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि व्यापारियों के हितों की रक्षा और न्यायसंगत कर प्रशासन के लिए कानून में सुधार की आवश्यकता है। यदि छापे के दौरान कोई विसंगति मिलती है तो करदाता को अपना स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया जाना चाहिए। मुख्य वक्ता सीए हिमांशु सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में जीएसटी विभाग की जांच पूर्णतः डिजिटल और डाटा आधारित हो चुकी है। विभाग के पास ई-वे बिल, ई-इनवॉइस, डिजिटल ट्रेल, टोल प्लाजा डाटा और अन्य तकनीकी माध्यमों से प्रत्येक व्यापारिक गतिविधि की निगरानी की व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने व्यापारियों को सचेत करते हुए कहा कि केवल कागजी दस्तावेज अथवा ई-वे बिल का होना पर्याप्त नहीं है बल्कि प्रत्येक लेनदेन वास्तविक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि छापे के दौरान कोई विसंगति मिलती है तो करदाता को अपना स्पष्टीकरण देने का समुचित अवसर दिया जाना चाहिए। उसके बाद कर निर्धारण की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने भी विचार रखे। इस मौके पर राजीव कुमार गुप्ता, आशीष जौहरी, संजय कुमार गुप्ता, शैलेंद्र सचान, शिशिर शुक्ला, गोविंद माहेश्वरी, प्रशांत रस्तोगी, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, डीएन चतुर्वेदी, उत्कर्ष मिश्रा आदि मौजूद रहे।