विस्तार इकाई सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र की ओर से सांई इंस्टीटयूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के सहयोग से संस्थान सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें औषधीय खेती करने की जानकारी दी गई। विकास केंद्र के प्रभारी डॉ. भक्ति विजय शुक्ला ने बताया कि सुगंध और औषधीय खेती के उत्पादों की मांग बढ़ती जा रही है। लेमनग्रास, सिट्रोनिला का व्यावसायिक उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। कार्यशाला विकास आयुक्त कार्यालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की ओर कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य परंपरागत खेती के साथ युवा, महिलाओं और किसानों को व्यावसायिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करना हैं। यहां पर निदेशक अजय सिंह, कोमल गुप्ता, पुष्कल त्रिपाठी, नितिन सहेजी, अनुपमा दुबे आदि रहे।