भीतरगांव में गुप्तकालीन मंदिर को देखने के बाद जर्मनी पर्यटक आश्चर्यचकित हो गये। मंदिर की वास्तुकला और ईंटों से बने अनूठे निर्माण को खूब सराहा। यहां पर प्रत्येक ईंट में बारीक नक्काशी पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती रही। जर्मनी पर्यटकों अभी कमरे में एक-एक चीज को कैद करते रहे और इसके साथ फोटो भी खींचते रहे। मालूम हो कि भीतरगांव के अतिप्राचीन ईंटों से निर्मित यह मंदिर पांचवी से छठवीं शताब्दी के बीच का माना जाता है।