शहर से पांच बड़े पेड़ फिर खत्म हो गए। इनका क्या कसूर था किसी को पता नहीं। यह शहर को सिर्फ ठंडा कर रहे थे और शहर को प्राण वायु दे रहे थे। जलकल संस्थान का ऑफिस इसके पास में है। बाल निकुंज प्राइवेट सेक्टर का एक बड़ा बैंक और चलती फिरती रोड जब यह अपराध हुआ किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा। इसी तरीके से हमारा शहर गर्मी में और गर्म होता जा रहा है।