नगर के पांच नालों का पानी अभी भी गंगा नदी में गिराया जा रहा है। ऐसे में गंगा नदी का पानी दूषित हो रहा है। जबकि अहमद नगर स्थित पांच एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी का ट्रॉयल जारी है, जो अगले तीन माह तक चलेगा। इसके पूरा होने के बाद ही पूरी क्षमता के साथ एसटीपी चलाया जा सकेगा और सभी पांच नालों का पानी शोधित होने के बाद गंगा में गिराया जाएगा। वहीं, पालिका की ओर से कराए जाने वाला बायोरेमेडिएशन का कार्य भी कागजों में ही सिमट कर रह गया है, इससे भी समस्या आ रही। मिश्रा कॉलोनी के नाले का पानी बिना शोधित हुए सीधे गंगा में गिराया जा रहा है। इस नाले के मुहाने पर पालिका की ओर से बायोरेमेडिएशन की तकनीक अपनाते हुए केमिकलयुक्त टंकी तो रखी गईं है, लेकिन केमिकल नाले में नहीं गिराया जा रहा। वहीं मनोहर नगर, इंदिरा नगर, रेलवे ब्रिज नाला और अहमद नगर नाले का गंदा पानी भी गंगा में गिराया जा रहा है। हालांकि इन नालों का कुछ पानी अहमद नगर मे बने पांच एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी में ट्रांसफर कर शोधित करने की प्रक्रिया का ट्रायल किया जा रहा है। वहीं, जल निगम (ग्रामीण) के एई अमित कुमार ने बताया कि अभी ट्रायल तीन माह तक चलेगा। इसके बाद ही पूरी क्षमता के साथ एसटीपी चालू हो सकेगा। ईओ नगर पालिका मुकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें मिश्रा कॉलोनी में सीधे नाले का पानी गिरने की जानकारी नहीं है। बायोरेमेडिएशन के उपाय अपनाए गए है।