ग्राम अड़जरा के प्रधान विनोद पटेल का दो वर्षीय पुत्र मयंक पटेल रविवार सुबह घर के बाहर खेल रहा था। तभी गांव के ही एक ट्रैक्टर ने उसे रौंद दिया। गंभीर रूप से घायल मासूम को उपचार के लिए आनन-फानन झांसी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को गांव वापस लाकर दफना दिया गया। लेकिन, सोमवार को मृतक के पिता विनोद पटेल ने थाना पुलिस को शिकायती पत्र दिया, जिसके जरिये आरोप लगाया कि उसके पुत्र की मौत हादसा नहीं है, बल्कि चुनावी रंजिश के चलते सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस पर उपजिलाधिकारी सुनील कुमार और थाना पुलिस की मौजूदगी में मासूम के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार की शाम गुरसराय-चिरगांव रोड पर जाम लगा दिया। इस दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ हल्की धाराओं में मामला दर्ज कर रही है। जबकि, वारदात बेहद संगीन है। ऐसे में संगीन धाराओं में ही प्राथमिकी दर्ज की जाए। जाम की वजह से तकरीबन दो घंटे तक सड़क का आवागमन बाधित बना रहा। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी सुनील कुमार और सीओ देवेंद्र नाथ मिश्रा ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।