रेल कर्मी विदाई पर अक्सर परिजन चार पहिया वाहन और ढोल-नगाड़ों या गाजे-बाजे के साथ हंसी-खुशी से ले जाते हैं। लेकिन मंगलवार को सीएचआई कार्यालय से खलासी के पद से सेवानिवृत्त हुए नैनागढ़ निवासी मोहन की विदाई अन्य कर्मियों की विदाई से हटकर थी। जो भी एक नजर उस कार को देख रहा था एक पल के ठिठक कर देखने को मजबूर हो गए। डीआरएम कार्यालय से हंसी-खुशी घर पर उनका फूल मालाओं से स्वागत किया।