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झांसी के तीन गांवों में साइबर ठगों का नेटवर्क पकड़ा, 23 युवक गिरफ्तार, मामले की जानकारी देते एसएसपी

जामताड़ा और मेवात की तर्ज पर झांसी के कटेरा में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। जनपद मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर कटेरा थाना क्षेत्र के मौरयाना, खैरयाना और कडोर गांव में पुलिस ने शनिवार तड़के एक साथ छापा मारकर साइबर ठगी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। करीब 16 घंटे तक चली कार्रवाई और पूछताछ के बाद पुलिस ने 23 युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 120 मोबाइल फोन, 35 डेबिट कार्ड, 29 बैंक पासबुक, 284 ग्राम सोना और 1,408 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद हुए हैं। बरामद जेवरात की कीमत करीब 46 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा 9.20 लाख रुपये नकद भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। पीड़ितों को झूठे मुकदमे में फंसाने या जांच में कार्रवाई का डर दिखाकर रकम वसूली जाती थी। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और इसके तार किन-किन राज्यों से जुड़े हैं। एक महीने से चल रही थी गांवों की निगरानी एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि कटेरा थाना क्षेत्र के मौरयाना, खैरयाना और कडोर गांवों को साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के तौर पर चिह्नित किया गया था। इसके बाद एसपी साइबर क्राइम अरीबा नोमान को कार्रवाई की कमान सौंपी गई। पुलिस टीम करीब एक महीने तक तीनों गांवों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती रही। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र और केंद्रीय जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर भी जानकारी जुटाई गई। आरोपियों की गतिविधियों और संदिग्ध संपर्कों की निगरानी के बाद पुलिस ने कार्रवाई की रणनीति तैयार की। पुलिस टीम ने तड़के तीनों गांव घेर लिए पुलिस ने कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा। तड़के फायर ब्रिगेड, पीएसी और कई थानों के पुलिस बल को तीनों गांवों में भेजा गया। पुलिस टीमों ने लगभग एक साथ गांवों की घेराबंदी कर काबिंग शुरू की। अचानक बड़ी संख्या में पुलिस बल के पहुंचने से गांव में खलबली मच गई। सुबह तीनों गांवों में तलाशी और जांच-पड़ताल चलती रही। अभियान के दौरान 60 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए कटेरा थाने लाया गया। कई घंटे तक पूछताछ और बरामदगी की जांच के बाद पुलिस ने 23 युवकों को गिरफ्तार किया। फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डराते थे एसपी साइबर क्राइम अरीबा नोमान के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगी के लिए खास तरीका अपनाते थे। गिरोह के सदस्य पीड़ितों को पुलिस अधिकारी या सीबीआई अधिकारी बनकर फोन करते थे। इसके बाद उन्हें किसी आपराधिक मामले में फंसाने, गिरफ्तारी होने या जांच में कार्रवाई का डर दिखाया जाता था। डर के बाद पीड़ितों से रकम की मांग की जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को पीड़ितों के मोबाइल नंबर और उनकी निजी जानकारी कहां से मिलती थी। बरामद मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और बैंक पासबुक की भी जांच की जा रही है। जेवर और नकदी कहां से आई, जांच में जुटी पुलिस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी मिलने से पुलिस का शक और गहरा गया है। पुलिस अब बरामद 284 ग्राम सोने और 1,408 ग्राम चांदी के जेवरात के स्रोत का भी पता लगा रही है। इसके लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।

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