आप जिज्ञासु बनिये। अपने अधिकारों के बारे में जानिए। जागरूक होने से ही बदलाव आएगा। कानून सभी के लिए बराबर है। अमर उजाला फाउंडेशन की अपराजिता मुहिम के तहत को आर्यकन्या शुक्रवार महाविद्यालय में हुई विधिक कार्यशाला में ये बातें अपर न्यायाधीय और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शरद चौधरी ने कहीं। अपर न्यायाधीश शरद चौधरी ने छात्राओं से कहा कि समीक्षात्मक सोच (क्रिटिकल थिंकिंग) और भावनात्मक बुद्धिमत्ता (इमोशनल इंटेलीजेंस) के बारे में जानें। समीक्षात्मक सोच से मन में जिज्ञासा आएगी। अगर आपके मन में सवाल नहीं कौंधते, आप सवालों का उत्तर नहीं तलाशते तो जीवन का कोई उद्देश्य नहीं है।