अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को छात्रों ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर 28 सूत्रीय मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू की। छात्र इतने उग्र हो गए कि हाथापाई हो गई। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी का कालर तो कुलसचिव का हाथ तक खींच लिया। छात्रों ने प्रशासनिक भवन का मुख्य गेट बंद कर साढ़े तीन घंटे तक हंगामा किया। परीक्षा नियंत्रक ने किसी तरह ताला खुलवाया। लेकिन देर शाम तक कुलपति कार्यालय के बाहर छात्र धरने पर बैठे रहे। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में पीने का पानी, शौचालय, बिजली, वाई-फाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। अंकपत्रों में गड़बड़ी, कार्यों में देरी और प्रशासनिक लापरवाही से छात्र लंबे समय से परेशान हैं। इसके अलावा कई शिक्षकों पर छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और विरोध करने पर सेमेस्टर बैक की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। छात्रों के उग्र प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक भवन का मुख्य गेट करीब 11 बजे बंद कर दिया गया, जिससे कई कर्मचारी अंदर ही फंस गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने से भी पीछे नहीं हटेंगे और आत्मदाह करने तक की धमकी दी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने छात्रों को आश्वासन दिया कि कुलपति उनसे अगले दिन 11 बजे मुलाकात करेंगी और उनकी जरूरी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा। इसके बाद करीब ढाई बजे प्रशासनिक भवन का गेट खोला और कामकाज शुरू हुआ। इस मौके पर एबीवीपी इकाई के अध्यक्ष शानू सिंह, जिला संयोजक शिवम सिंह, नमन कुमार, सनी मौर्य, राघवेंद्र गिरी, ऋषभ, आकाश पटेल, नीरज यादव, विशाल कुमार आदि मौजूद रहे। सुरक्षा कर्मियों ने कुलसचिव को निकाला सुरक्षित संगठन मंत्री ज्ञानेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करने लगे। छात्रों को समझाने के लिए कुलसचिव डॉ.महेंद्र कुमार पहुंचे, लेकिन बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई। छात्र कुलसचिव का हाथ पकड़ कर खींचने लगे। कार्यकर्ताओं ने कुलसचिव से जोरदार विरोध जताया। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों ने विवि के प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद सिंह कौशिक को तत्काल निलंबित करने की मांग उठाई। उन पर छात्रों के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया। स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षा कर्मियों ने बीच-बचाव कर कुलसचिव को वहां से सुरक्षित निकाला। धरना-प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह व प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद सिंह कौशिक से भी कार्यकर्ताओं की हाथापाई हो गई। इसमें छात्रों ने उनका कॉलर पकड़ लिया। इसी बीच बाॅयोटेक्नोलॉजी विभाग के एक छात्र ने आत्मदाह की चेतावनी दे दी। विश्वविद्यालय में छात्रों ने बिना बताए धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। नियम के मुताबिक उन्हें इसकी सूचना विवि प्रशासन को देनी चाहिए थी। उनकी तरफ से कुलपति को ही 28 सूत्रीय ज्ञापन देने की बात कही गई है। ऐसे में उनकी तरफ से अभी ज्ञापन नहीं मिला है। वे सभी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।-डॉ.राजकुमार सोनी, चीफ प्रॉक्टर, पूर्वांचल विश्वविद्यालय ।