फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO : जौनपुर के सतहरिया में फैक्ट्री लगाने में आकर्षण व सुविधाओं का अभाव

औद्योगिक क्षेत्र सतहरिया 508 एकड़ क्षेत्रफल में स्थापित है। 28 जून 1989 में इसका आधार शिला तत्कालीन युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा रखा गया था।इसका उद्देश्य था कि पूर्वांचल में सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में यह स्थापित होगा। यहां पर उद्यम का जांल बिछाकर क्षेत्र को रोजगार परक बनाया जाएगा।ताकि यहां के मजदूरों व नौजवानों को रोजगार के लिए कहीं दूर दराज भटकना न पड़े। किन्तु यह सपना अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण धूल धूसरित हो गया है। नतीजा यह रहा कि यहां पर कल-कारखाना लगाने के लिए सुविधाओं व आकर्षण का अभाव है।जिसके कारण उद्यमी यहां पर कोई बड़ी फैक्ट्री लगाकर जोखिम नहीं उठाना चाहते है।सन 1995 के पूर्व में यहां पर सेलटैक्स की छूट थी।शुरूआती दौड़ में फैक्ट्री लगाने पर 25 प्रतिशत सब्सिडी था। यहां पर शुरूआत में जमीन फैक्ट्रियों के लिए 3 रूपये वर्ग मीटर तथा आवास के लिए 5 रूपये वर्ग मीटर था।जो वर्तमान में 3500 सौ वर्ग मीटर फैक्ट्री के लिए तथा आवास के लिए 4000 वर्ग मीटर हो गया है।उद्यमियों का कहना है कि जितनी तेजी से जमीन का रेट बढ़ा है उतनी तेजी से यहां का विकास नहीं हो पाया है।यह क्षेत्र विकास के बजाय जमीन खरीद फरोख्त तक सीमित रह गया है।उद्यमी सुनील यादव आदि का कहना है कि उद्यम चलाने के लिए मूलभूत आवश्यकताओं में सड़क,पानी,व साफ सफाई की उत्तम प्रबंध होनी चाहिए ।किन्तु यहां पर सड़के जगह जगह गढ्ढा युक्त हो गई है।पानी आपूर्ति की समुचित व्यवस्था भी नहीं है।आई आई ए के महामंत्री गुलाब चन्द्र पाण्डेय का कहना है कि यहां पर जीएसटी की छूट होनी चाहिए।बैंकों के ब्याज दर में सहूलियत व ब्याज में 50 प्रतिशत छूट उद्यमियों को मिलना चाहिए।इस संबंध में सतहरिया औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सिविल प्रबंधक शारिक हबीब ने सड़कों की मरम्मत व जर्जर पाइप लाइन बदलवाने के लिए कार्य योजना बनाकर भेजा गया है।शीघ्र ही काम शुरू होगा।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें