जौनपुर के अजोशी गांव की रहने वाली राधा यादव भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज ने आज देश की नई क्रिकेट आइकन बन चुकी हैं। साधारण परिवार में जन्मी राधा ने भी संघर्ष से लेकर चमक तक का सफर तय किया है। एक दिन पहले टीम इंडिया के महिला विश्व कप में जीत के बाद उनके घर पर सोमवार को खुशी का माहौल रहा है। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया। महिला विश्व कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार गेंदबाजी कर उन्होंने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। राधा ने फाइनल मैच में मध्य ओवरों में सटीक लाइन और लेंथ के साथ तीन महत्वपूर्ण विकेट झटके, जिससे विरोधी टीम दबाव में आ गई। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ घोषित किया गया। परिवार से जुड़े लोग बताते हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद राधा ने अपनी मेहनत, लगन और समर्पण से क्रिकेट में पहचान बनाई। गली क्रिकेट से शुरुआत कर उन्होंने घरेलू टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। राधा के चचेरे भाई मुकेश यादव ने कहा कि 25 सालों का सपना पूरा हुआ है, राधा ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव और देश का नाम रोशन किया है। ग्राम प्रधान ध्रुव राज यादव ने कहा कि राधा ने यह साबित किया है कि बेटियां किसी से कम नहीं होतीं।