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VIDEO: शिक्षिकाओं ने कहा- नैतिक शिक्षा और संस्कार से ही होगा बेहतर समाज का निर्माण

Pragati Chand Updated Wed, 08 Jul 2026 10:49 AM IST

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय, विशेश्वरगंज में क्या शिक्षा में नैतिक शिक्षा और संस्कार जरूरी है विषय पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षिकाओं ने कहा कि केवल किताबी ज्ञान से विद्यार्थियों का समग्र विकास संभव नहीं है। शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का समावेश समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापिका प्रतिभा सिंह ने की। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की पहली पाठशाला होता है। यदि शिक्षा के साथ ईमानदारी, अनुशासन, सहिष्णुता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे संस्कार दिए जाएं तो बच्चे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। संवाद में शीला सिंह, सरोज भारती, प्रियंका मिश्रा, अनिता यादव, संगीता सिंह, सीमा यादव, नम्रता कन्नौजिया, विनोदिनी, वृंदा देवी, पूनम देवी, सविता देवी, अंजुम निशा और संध्या देवी ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक दौर में तकनीकी शिक्षा जितनी जरूरी है, उतनी ही आवश्यक बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास भी है। परिवार और विद्यालय दोनों की साझा जिम्मेदारी है कि बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करें।शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों में सत्यनिष्ठा, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण, बड़ों के सम्मान, सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल्यों को व्यवहारिक शिक्षा के माध्यम से विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नैतिक शिक्षा से बच्चे न केवल अच्छे विद्यार्थी बल्कि अच्छे इंसान भी बनते हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित शिक्षिकाओं ने संकल्प लिया कि वे नियमित शिक्षण के साथ विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और संस्कारों के विकास के लिए भी विशेष प्रयास करेंगी। संवाद कार्यक्रम में विद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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