प्रशासन ने पीपा पुल टूटने के बाद यात्रियों की सुविधा के लिए निशुल्क स्टीमर सेवा शुरू की है और इसके संचालन में प्रतिमाह करीब तीन लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने व्यवस्था को सुरक्षित और नियमित बनाए रखने के लिए निगरानी भी रखी है लेकिन इसके बावजूद स्टीमर संचालक इस सुविधा का फायदा उठाकर यात्रियों और उनकी बाइक से 10-10 रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। क्षेत्र के बारा घाट से यमुना नदी पार करने के लिए संचालित स्टीमर में प्रतिदिन करीब 15 हजार रुपए की वसूली की जा रही है। जबकि पीडब्ल्यूडी द्वारा स्टीमर संचालन के लिए प्रतिदिन लगभग 10 हजार रुपए लेबर और डीजल के खर्च के रूप में दिए जाते हैं। यात्री बताते हैं कि सुबह से शाम तक उन्हें स्टीमर पर चढ़ने के लिए पैसे देने पड़ते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन और पीडब्ल्यूडी को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। स्टीमर संचालन का खर्च सरकारी खजाने से हो रहा है। फिर भी संचालक यात्रियों से अतिरिक्त वसूली कर रहे हैं। बताया कि स्टीमर संचालकों के लगातार अवैध वसूली से यात्रियों में तनाव और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।