वरासत दर्ज न होने और जमीन विवाद से परेशान एक किसान बुधवार को तहसील परिसर में पीपल के पेड़ पर चढ़ गया। आत्महत्या की चेतावनी मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई। करीब एक घंटे की मशक्कत और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद किसान नीचे उतर आया। पुलिस ने उस पर शांति भंग के आरोप में कार्रवाई की है। कंपिल थाना क्षेत्र के गांव सिवारा खास निवासी इंद्रपाल ने बताया कि उसकी दादी रेवती के नाम 7.5 बीघा जमीन थी। दादी की मृत्यु के बाद गांव के एक व्यक्ति ने जालसाजी कर जमीन अपने नाम वरासत में दर्ज करा ली। इस मामले को लेकर करीब 40 वर्ष तक न्यायालय में मुकदमा चलता रहा। उसके पिता लड़ैते ने तहसील से लेकर कमिश्नरी तक न्याय के लिए संघर्ष किया, लेकिन राहत नहीं मिली। इंद्रपाल का कहना है कि मुकदमे की पैरवी के दौरान उसके बड़े भाई वीरपाल की मौत हो गई और तीन माह पहले पिता का भी निधन हो गया। अब वह अपने भाइयों शेर सिंह, अनार सिंह और गंगा सिंह के साथ न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। आरोप है कि विरोधी पक्ष अब उनके पिता के हिस्से की जमीन पर भी कब्जा करने की धमकी दे रहा है। इससे वह मानसिक तनाव में है। सूचना मिलने पर एसडीएम अभिषेक वर्मा, तहसीलदार हर्षित सिंह और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान सुरक्षित नीचे उतर आया।अधिकारियों से बातचीत के बाद पुलिस उसे थाने ले गई।