रामनाथ देवरिया दक्षिणी मोहल्ले में श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन रविवार को श्रद्धा व भक्ति के परिणाम पर विस्तृत चर्चा हुई। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पंडाल में बैठे श्रद्धालुओं में भक्ति रस घुल गया। कथा का रसपान कराते हुए साध्वी ऋद्धिमा ने कहा कि भगवान शरणागतों की हर प्रकार से सहायता करते हैं। विकास की अन्धी दौड़ में संस्कारों को जीवित रखने के लिए कथाएं एक अद्वितीय साधन हैं। उन्होंने कहाकि सन्तजनों का सम्मान करने से विकास होता है और अपमान करने से विनाश की प्राप्ति होती है। कथा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहाकि भगवान कण कण में उपस्थित है और हर किसी को कर्म फल की प्राप्ति होना सुनिश्चित करते हैं।