खोही में स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकास की गति तेज हो गई है। रामघाट से कामदगिरि द्वार तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य जारी है। इस परियोजना के दायरे में आए प्राचीन गौरीहार मंदिर के भवन को गिराने के लिए बुधवार को पोकलैंड पहुंच गई थी। जैसे ही भवन ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हुई, साधु-संत उच्च न्यायालय से प्राप्त स्थगन आदेश लेकर मौके पर पहुंच गए। इससे प्रशासन को कार्रवाई रोकनी पड़ी। धर्मनगरी चित्रकूट में कामदगिरि सड़क पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य कई दिनों से चल रहा है। इस मार्ग पर स्थित प्राचीन गौरीहार मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है और विकास कार्यों में बाधा बन रहा था। बुधवार को सतना जिला प्रशासन के अधिकारी पोकलैंड समेत चार बुलडोजर के साथ पहुंचे और मंदिर के भवन को गिराने की कार्रवाई शुरू की। मौके पर एसडीएम महिपाल गुर्जर और जितेंद्र वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सड़क निर्माण को सुगम बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। विरक्त मंडल के अध्यक्ष सनकादिक महाराज के नेतृत्व में साधु-संतों ने पहले भी इस मामले में धरना देकर अपना विरोध जताया था, लेकिन प्रशासन अपने फैसले पर अडिग रहा। यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में विकास कार्यों का विरोध हुआ हो। इससे पहले भी चित्रकूट-सतना रोड पर स्फाटिक शिला के पास से रामघाट तक सड़क चौड़ीकरण के लिए चलाए गए अतिक्रमण अभियान का साधु-संतों ने कड़ा विरोध किया था। प्रशासन और साधु-संतों के बीच इस मामले पर गतिरोध बना हुआ है।