बीते बुधवार को आए बेमौसम आंधी और बारिश से जनपद में फसलों, कच्चे मकानों, बिजली लाइनों, पेड़ों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासन ने युद्धस्तर पर सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर क्षति का आकलन करें और प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराएं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार ने बताया कि जनहानि और अन्य क्षति के मामलों में संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं। आपदा राहत कोष से पात्र पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुए कच्चे मकानों के मामलों में जांच के बाद मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बिजली विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं। गिरे हुए पेड़ों को हटाने और सफाई के लिए भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, ताकि जनजीवन जल्द सामान्य हो सके। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर सुरक्षित रहें और सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर गिरे पेड़ों तथा अन्य खतरनाक स्थितियों की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें।